UP Salary Hike 2024: चुनाव खत्म होते ही योगी ने लिया राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए अहम फैसला, रिटायर होने पर भी मिलेगा वेतनवृद्धि का लाभ

UP Salary Hike 2024: योगी सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। अब नौकरी छोड़ने के बाद भी उन्हें वेतन वृद्धि मिल सकेगी। इस विचार को कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। प्रदेश सरकार ने चुनाव के बाद अपने कर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है। अब अगर कर्मचारी के रिटायर होने के अगले दिन वेतन वृद्धि तय है तो नियत वेतन वृद्धि को जोड़कर पेंशन निर्धारित की जाएगी।

मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्रालय की इस योजना पर सहमति बन गई है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक कर्मियों के वेतन में हर साल एक जुलाई को वृद्धि की जाती थी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक सालाना वेतन वृद्धि एक जनवरी 2016 से शुरू हुई थी। इसके बाद कर्मियों को एक जुलाई से एक जनवरी के बीच वेतन वृद्धि की तिथि चुनने का विकल्प दिया गया था।

UP Salary Hike 2024

UP Salary Hike रिटायर कर्मचारी पर लिया गया अहम फैसला

UP Salary Hike 2024: उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले इन कर्मचारियों को अब 1 जुलाई और 1 जनवरी से नियोजित वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकेगा।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को 1 जुलाई या 1 जनवरी को नियोजित वेतन वृद्धि नहीं मिल पाती थी। ऐसा पहले की व्यवस्था के कारण होता था। हालांकि अब कैबिनेट ने इस पर सहमति दे दी है। इसके बदले कर्मचारियों को वेतन में बढ़ोतरी के साथ-साथ बोनस या पेंशन भी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले ही अदालतों में काम करने वाले लोगों को मदद मिली है और अब इससे सरकारी कर्मचारियों को भी मदद मिलेगी।

रिटायर कर्मचारियों को वेतनवृद्धि दिए जाने के न्यायालय के आदेश

UP Salary Hike 2024: इस मामले को लेकर मद्रास हाईकोर्ट, कर्नाटक हाईकोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं भेजी गईं। 30 जून को सेवानिवृत्त कर्मियों को अगली वेतन वृद्धि देने के आदेश हुए। सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के मामलों में कई बार एसएलपी को खारिज किया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला यह भी था कि न्यायिक अधिकारियों को वेतन वृद्धि उनके सेवानिवृत्त होने के बाद 1 जनवरी या 1 जुलाई को मिलनी चाहिए।

जो लोग 30 जून और 31 दिसंबर को रिटायर होने जा रहे हैं, अगर वे 1 जुलाई और 31 दिसंबर को हुए तो उन्हें वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी। उन्हें पेंशन और बोनस भी नहीं मिलेगा। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इसका इस्तेमाल राज्य कर्मियों के लिए भी किया जाना चाहिए। अभी तक अगर वेतन वृद्धि 1 जुलाई और 1 जनवरी को सेवानिवृत्ति के अगले दिन तय की जाती है, तो उन लोगों की आय में एक वेतन वृद्धि जुड़ जाएगी।

Notional Increment को लेकर महत्वपूर्ण आदेश 

यदि किसी जूनियर का वेतन किसी सीनियर से अधिक निर्धारित किया जाता है, तो इसे बदलने की प्रक्रिया को Notional Increment वेतन वृद्धि कहा जाता है। लेकिन जूनियर को अक्सर पदोन्नति (Promotion) मिल जाती है और वह सीनियर से बेहतर प्रदर्शन करता है। इस तरह की पदोन्नति बॉस को मिलती है, जिसे “Notional Increment ” के रूप में जाना जाता है।

Notional Increment वृद्धि वह वेतन वृद्धि है जो आपको काल्पनिक पदोन्नति के बाद बैकडेटिंग से मिलती है। वेतन और पुरस्कारों में ये बढ़ोतरी वास्तविक है, बनावटी नहीं। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को न केवल कागज पर वेतन वृद्धि मिलेगी; बल्कि उन्हें रिटायर होने पर वेतन वृद्धि का वास्तविक वित्तीय लाभ भी मिलेगा।

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